शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ कोमलाङ्ग्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत सुकोमल और नाजुक अंगों वाली देवी।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कठोरता का त्याग और संवेदनशीलता की वृद्धि
विस्तृत लाभ
कठोरता का त्याग और संवेदनशीलता की वृद्धि।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
य इदं कवचं श्रीदं पठेद्विष्णुप्रियात्मकम्। त्रैलोक्यं विजितं तेन येन वा धारितं भवेत्॥
ॐ सर्ववर्णायै नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ भूवराहाय विद्महे हिरण्याक्षहराय धीमहि तन्नो वराहः प्रचोदयात्।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये पञ्चाग्निः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ बालदोलाशयशयाय नमः