शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपलंका-दहनकर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
लंका नगरी को अपनी पूंछ की अग्नि से भस्म करने वाले भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम्
ॐ लक्ष्मीनृसिंहाय नमः
ॐ षडाधाराय नमः।
ॐ कमलायै नमः