शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ महात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमहान आत्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महान आत्मा और अत्यंत उच्च चारित्रिक आदर्शों वाले भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गुहाय नमः
ॐ दैत्यघ्नाय नमः।
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
स ब्रह्मा स शिवः स इन्द्रः सोऽक्षरः परमः स्वराट्। स एव विष्णुः स प्राणः स कालोऽग्निः स चन्द्रमाः॥
ॐ विशालाक्ष्यै नमः
श्रीमते रामचन्द्राय नमः