शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ पीतवाससे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपीताम्बर-धारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पीत (पीले) वस्त्र धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गुरु-कृपा प्राप्ति
विस्तृत लाभ
गुरु-कृपा प्राप्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भावनाय नमः
ॐ साधकप्रचुरानन्दसम्पत्सुखदायै नमः
ॐ कपालिने नमः
इतीदमद्भुतस्तवं निशम्य भानुनन्दिनी करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्षभाजनम्। भवेत्तदैव सञ्चितत्रिरूपकर्मनाशनं लभेत्तदा व्रजेन्द्रसूनुमण्डलप्रवेशनम्॥
उत स्या नः सरस्वती घोरा हिरण्यवर्तनिः। वृत्रघ्नी वष्टि सुष्टुतिम्॥
जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।