शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्ञान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो युद्ध और ज्ञान दोनों में परम बुद्धिमान (प्राज्ञ) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर संकट के समय उचित निर्णय लेने के लिए कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
घोर संकट के समय उचित निर्णय लेने के लिए कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ कस्तूरीपूजनरतायै नमः
ॐ सर्ववासाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
ॐ गुह्यविद्यायै नमः
ॐ नवग्रहस्वरूपकाय नमः