शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्ञान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो युद्ध और ज्ञान दोनों में परम बुद्धिमान (प्राज्ञ) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर संकट के समय उचित निर्णय लेने के लिए कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
घोर संकट के समय उचित निर्णय लेने के लिए कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति।
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ॐ कमलजायै नमः
दिव्याद्वृन्दारण्यकल्पद्रुमाधः श्रीमद्रत्नागारसिंहासनस्थौ। श्रीश्रीराधाश्रीलगोविन्ददेवौ प्रेष्ठालीभिः सेव्यमानौ स्मरामि॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ॐ मायामारीचहन्त्रे नमः
ॐ भवात्मजाय नमः