शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचरण / नृहरीश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवों को उनका राज्य लौटाने वाले मेरे पैरों की रक्षा करें। (जीवन में सही दिशा की ओर गमन)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दक्षिणे चंड भैरवाय नमः दक्षिणे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ स्मेरवक्त्रायै नमः
ॐ अशेषगोपीमण्डलपूजितायै नमः
ॐ परमात्मने नमः
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमः