शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ हृदयं योगिसाध्यश्च निवासं पातु मे हरिः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपहृदय / योग-साध्य स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
योगियों द्वारा अपनी साधना से प्राप्त किए जाने वाले हरि मेरे हृदय की रक्षा करें। (हृदय रोगों से रक्षा)।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र