ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

पञ्चमुख नरसिंह मंत्र

ॐ नमः कालाय काल द्रष्ट्राय कराल वदनाय च

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकवच मंत्र
स्वरूपपञ्चमुख / कराल नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो स्वयं काल हैं, जो काल को भी देखने वाले हैं, और जिनका मुख अत्यंत कराल है, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है तथा काल-सर्प जैसे दोषों का निवारण होता है

विस्तृत लाभ

अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है तथा काल-सर्प जैसे दोषों का निवारण होता है।

जप काल

पञ्चमुख नरसिंह कवच के पठन के समय।

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