शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ सुरेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदेव-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मा-इंद्रादि समस्त देवताओं के स्वामी हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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सभी देव-शक्तियों की अनुकूलता और कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सभी देव-शक्तियों की अनुकूलता और कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति।
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ॐ वालिप्रमथनाय नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ श्रीभैरवीसंयुक्ताय नमः।
कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥
ॐ शतकान्ठमदापहर्त्रे नमः
ॐ उन्मत्ताय नमः