शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ स्कन्धौ मे पातु भद्रोऽसौ स्कन्ध-भुजायुधः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकंधे / भद्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दिव्य आयुधों से सुसज्जित भुजाओं वाले प्रभु मेरे कन्धों की रक्षा करें। (उत्तरदायित्व वहन करने की शक्ति)।
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