शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ ज्वालामालिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्वाला नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ज्वालाओं की माला पहने हुए हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक के सूक्ष्म शरीर (आभा-मंडल) के चारों ओर अग्नि का एक अभेद्य रक्षा-कवच
विस्तृत लाभ
साधक के सूक्ष्म शरीर (आभा-मंडल) के चारों ओर अग्नि का एक अभेद्य रक्षा-कवच।
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ॐ भूपतये नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...
मया सो अन्नमत्ति यो विपश्यति यः प्राणिति य ईं शृणोत्युक्तम्। अमन्तवो मां त उप क्षियन्ति श्रुधि श्रुत श्रद्धिवं ते वदामि॥
ॐ मनोजवाय नमः
ॐ अन्तर्याम्यै नमः
अधो स्वर्णाकर्षण भैरवाय नमः अधो मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।