शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ शिंशुमाराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमत्स्य-नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो शिंशुमार (मत्स्य) रूप भी हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समुद्री या जलीय यात्राओं में सुरक्षा तथा जल-तत्व से संबंधित भय का निवारण
विस्तृत लाभ
समुद्री या जलीय यात्राओं में सुरक्षा तथा जल-तत्व से संबंधित भय का निवारण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आ नो दिवो बृहतः पर्वतादा सरस्वती यजता गन्तु यज्ञम्। हवं देवी जुजुषाणा घृताची शग्मां नो वाचमुशती शृणोतु॥
ॐ किशोर्यै नमः
ॐ त्रिभङ्गिललिताकृतये नमः
ॐ महाबलाय नमः
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ सेनान्ये नमः