ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह मंत्र

ॐ वक्त्रं पात्विन्दुवदनं सदा प्रह्लादवन्दितः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपमुख / प्रह्लाद-वरद
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

प्रह्लाद द्वारा वन्दित, चंद्र-समान मुख वाले प्रभु मेरे मुख की रक्षा करें। (मुखमंडल पर तेज वृद्धि)।

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