शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वक्त्रं पात्विन्दुवदनं सदा प्रह्लादवन्दितः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपमुख / प्रह्लाद-वरद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
प्रह्लाद द्वारा वन्दित, चंद्र-समान मुख वाले प्रभु मेरे मुख की रक्षा करें। (मुखमंडल पर तेज वृद्धि)।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र