नृसिंह मंत्र
ॐ विकरालाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनका मुख सर्वग्रासी और अत्यंत विकराल है, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन पर छाए हुए व्यापक और चौतरफा संकटों को एक साथ निगलने हेतु
विस्तृत लाभ
जीवन पर छाए हुए व्यापक और चौतरफा संकटों को एक साथ निगलने हेतु।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हंसवाहिन्यै नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ दीप्तायै नमः
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
जो महान तपस्वी महर्षि जमदग्नि के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पितृ-दोष शांति) 19।