नृसिंह मंत्र
ॐ विकरालाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनका मुख सर्वग्रासी और अत्यंत विकराल है, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन पर छाए हुए व्यापक और चौतरफा संकटों को एक साथ निगलने हेतु
विस्तृत लाभ
जीवन पर छाए हुए व्यापक और चौतरफा संकटों को एक साथ निगलने हेतु।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
ॐ अखण्डश्रियै नमः
ॐ दुर्गार्तिशमन्यै नमः
ॐ महानन्दिने नमः
ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये संहारकर्ता तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः