नृसिंह मंत्र
ॐ परतत्त्वाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो वेदांत में वर्णित एकमात्र परम सत्य (परतत्त्व) हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की निर्भीकता से स्थापना
विस्तृत लाभ
जीवन और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की निर्भीकता से स्थापना।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकाय नमः
ॐ विष्णुवल्लभाय नमः
वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधाम्यृतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि॥
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ स्वयम्भुवे नमः