नृसिंह मंत्र
ॐ परतत्त्वाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो वेदांत में वर्णित एकमात्र परम सत्य (परतत्त्व) हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की निर्भीकता से स्थापना
विस्तृत लाभ
जीवन और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की निर्भीकता से स्थापना।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ पादौ सौभद्रिका पातु।
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः
ॐ गीतामृतमहोदधये नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।