शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ सहस्रार हुं फट् नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसुदर्शन मूल मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हजारों अरों वाले भगवान सुदर्शन को नमस्कार। यह सर्व-विघ्न विनाशी है।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कल्याण्यै नमः
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः
परशुं दक्षिणे हस्ते वामे च दधतं धनुः। रम्यं भृगुकुलोत्तंसं घनश्यामं मनोहरम्॥
ॐ भास्कर्यै नमः
अहं राष्ट्री सङ्गमनी वसूनां चिकितुषी प्रथमा यज्ञियानाम्। तां मा देवा व्यदधुः पुरुत्रा भूरिस्थात्रां भूर्यावेशयन्तीम्॥