ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह मंत्र

ॐ असुरान्तक चक्राय स्वाहा – कवचाय हुं

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपकवच-न्यास / असुरान्तक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

असुरों का अंत करने वाले चक्र को स्वाहा, वे मेरा कवच बनें। (बाह्य आक्रमणों से अभेद्य सुरक्षा)।

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