शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ जङ्घे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपिंडलियां / नृकेसरी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पृथ्वी का भार हरने वाले नृकेसरी मेरी पिंडलियों की रक्षा करें। (यात्राओं में थकान व विघ्न का नाश)।
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