शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ जङ्घे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपिंडलियां / नृकेसरी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पृथ्वी का भार हरने वाले नृकेसरी मेरी पिंडलियों की रक्षा करें। (यात्राओं में थकान व विघ्न का नाश)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीधराय नमः
ॐ बर्हिबर्हावतंसकाय नमः
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
ॐ कपालचक्ररूपायै नमः
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ जरामरणवर्जिताय नमः