शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ विभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वश्रेष्ठ रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्वश्रेष्ठ, सर्वसमर्थ और सर्वव्यापक हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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समाज में व्यापक प्रभाव, ऐश्वर्य और प्रभुत्व की स्थापना
विस्तृत लाभ
समाज में व्यापक प्रभाव, ऐश्वर्य और प्रभुत्व की स्थापना।
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हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम प्रत्यक्ष दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8