शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ कोलाहलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपक्रुद्ध नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दैत्यों के वध के समय भयंकर कोलाहल (गर्जना) करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विरोधियों और आलोचकों के स्वर को दबाने तथा वाद-विवाद में विजय हेतु
विस्तृत लाभ
विरोधियों और आलोचकों के स्वर को दबाने तथा वाद-विवाद में विजय हेतु।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ मधुमत्यै नमः
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम्। अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद मे गृहात्॥
ॐ भूपतये नमः
ॐ पाराय नमः
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः