शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ महाकायाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपविराट रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर प्रलय काल में अत्यंत विशाल (विराट) हो जाता है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
छोटी सोच का त्याग
02
जीवन में बड़े लक्ष्यों और महान उपलब्धियों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
छोटी सोच का त्याग; जीवन में बड़े लक्ष्यों और महान उपलब्धियों की प्राप्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ हरिवल्लभायै नमः
ॐ अरिमर्दनाय नमः
ॐ ह्रस्वग्रीवाय नमः
ॐ सत्याय नमः