नृसिंह मंत्र
ॐ गुणभद्राय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो अनंत उत्तम गुणों से भद्र (युक्त) हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
साधक के चरित्र में ईश्वरीय सद्गुणों (क्षमा, दया, सत्य) का समावेश
विस्तृत लाभ
साधक के चरित्र में ईश्वरीय सद्गुणों (क्षमा, दया, सत्य) का समावेश।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं भगवति भवानि देवि स्वाहा॥
ॐ शुचये नमः
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ रूपसौभाग्यदायिन्यै नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ त्रिविक्रमाय नमः