शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ गुणभद्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपशान्त स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अनंत उत्तम गुणों से भद्र (युक्त) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक के चरित्र में ईश्वरीय सद्गुणों (क्षमा, दया, सत्य) का समावेश
विस्तृत लाभ
साधक के चरित्र में ईश्वरीय सद्गुणों (क्षमा, दया, सत्य) का समावेश।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दिव्यमूर्तये नमः।
ॐ कलावत्यै नमः
ॐ विश्वरेतसे नमः
ॐ मायायै नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठायै नमः।
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥