ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह मंत्र

ॐ त्रिलोकात्मने नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपविराट रूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल—तीनों लोकों की आत्मा हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर सार्वभौमिक चेतना (Cosmic Consciousness) से जुड़ना

विस्तृत लाभ

संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर सार्वभौमिक चेतना (Cosmic Consciousness) से जुड़ना।

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