शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ चण्डविक्रमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके चंड पराक्रम के आगे देवताओं और दानवों का बल भी फीका है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जब विरोधी अत्यंत शक्तिशाली हो, तब उससे निपटने हेतु अतुलनीय पराक्रम
विस्तृत लाभ
जब विरोधी अत्यंत शक्तिशाली हो, तब उससे निपटने हेतु अतुलनीय पराक्रम।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ बिल्वनिलयायै नमः
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ॐ अनन्तगुणगम्भीराय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्॥
ॐ सिंहिकाप्राणभञ्जनाय नमः