सुदर्शन-नरसिंह महामंत्र
ॐ सहस्रार ज्वालावर्तिने क्ष्रौम् हन हन हुं फट् स्वाहा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हे हजारों अरों (Spokes) वाले, ज्वालाओं से घिरे सुदर्शन नरसिंह (क्ष्रौम् बीज)! शत्रुओं का हनन करें। स्वाहा।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर शत्रु, असाध्य रोग, और प्रेत-बाधा का समूल नाश
अजेय सुरक्षा चक्र का निर्माण
विस्तृत लाभ
घोर शत्रु, असाध्य रोग, और प्रेत-बाधा का समूल नाश। अजेय सुरक्षा चक्र का निर्माण।
जप काल
अस्त्र न्यास के साथ पुरश्चरण। तांत्रिक विधि से गुरु के निर्देशानुसार।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परमात्मने नमः
ॐ गोवर्धनवरप्रदाय नमः
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
ॐ शब्दब्रह्ममयाय नमः
ॐ अधीश्वर्यै नमः
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8