शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सुदर्शन-नरसिंह महामंत्र
ॐ सहस्रार ज्वालावर्तिने क्ष्रौम् हन हन हुं फट् स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसुदर्शन अस्त्र मंत्र
स्वरूपज्वाला सुदर्शन-नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे हजारों अरों (Spokes) वाले, ज्वालाओं से घिरे सुदर्शन नरसिंह (क्ष्रौम् बीज)! शत्रुओं का हनन करें। स्वाहा।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर शत्रु, असाध्य रोग, और प्रेत-बाधा का समूल नाश
02
अजेय सुरक्षा चक्र का निर्माण
विस्तृत लाभ
घोर शत्रु, असाध्य रोग, और प्रेत-बाधा का समूल नाश। अजेय सुरक्षा चक्र का निर्माण।
जप काल
अस्त्र न्यास के साथ पुरश्चरण। तांत्रिक विधि से गुरु के निर्देशानुसार।
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