महादेव्यै सरस्वती मन्त्र
ॐ श्रीं महादेव्यै सरस्वत्यै स्वाहा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री बीजाक्षर से युक्त महान देवी सरस्वती को मैं यह पवित्र आहुति अर्पित करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
विद्या के क्षेत्र में प्रचुरता और शैक्षणिक कार्यों में भौतिक सफलता
विस्तृत लाभ
विद्या के क्षेत्र में प्रचुरता और शैक्षणिक कार्यों में भौतिक सफलता।
जप काल
सरस्वती हवन के समय घृत की आहुति के साथ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः
ॐ महादेवादिकंपूजिताय नमः
ॐ सर्वैकपावनाय नमः
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ कामरूपिण्यै नमः