शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ श्रीं सौं शरवणभवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपबीजात्मक शरवणभव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रीं (लक्ष्मी बीज) और सौं (शक्ति बीज) से युक्त शरवणभव भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धन, ऐश्वर्य और कुंडलिनी शक्ति का जागरण
विस्तृत लाभ
धन, ऐश्वर्य और कुंडलिनी शक्ति का जागरण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महामायाय नमः।
ॐ महाभुजाय नमः
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
ॐ यज्ञवराहाय नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं शङ्कर्षणाय ॐ