शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ सुधायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अमृत (सुधा) स्वरूपा देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महिताय नमः
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥
तद्विष्णोः परमं पदं सदा पश्यन्ति सूरयः। दिवीव चक्षुराततम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विशुद्धात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
ॐ कलिदर्पघ्न्यै नमः