ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह मंत्र

ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारत्रिकाल ज्ञान मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जिनके एक मंद कटाक्ष (कृपा-दृष्टि) से ब्रह्मा, इन्द्र और शिव वैभव प्राप्त करते हैं, उन त्रैलोक्य को अपना कुटुंब मानने वाली, कमल पर विराजने वाली मुकुंद-प्रिया की मैं वंदना करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की अतींद्रिय क्षमता (Intuition) का विकास

विस्तृत लाभ

भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की अतींद्रिय क्षमता (Intuition) का विकास 41।

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