शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वासिष्ठादिमुनिश्रेष्ठवन्दिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपवसिष्ठ-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि वसिष्ठ आदि श्रेष्ठ मुनियों द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कुल-परंपराओं और संस्कारों की रक्षा
विस्तृत लाभ
कुल-परंपराओं और संस्कारों की रक्षा।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
ॐ करालास्यायै नमः
ॐ कृष्णचित्तहरायै देव्यै नमः
ॐ नमस्ते रुद्र मन्यव उतोत इषवे नमः। नमस्ते अस्तु धन्वने बाहुभ्यामुत ते नमः॥
ॐ अमोघायै नमः
कल्हारांबुज बीजपूरक गदा दन्तेक्षु बाणैः सदा बिभ्राणो मणिकुम्भ शालिकलशौ पाशं च चक्रान्वितम् । गौराङ्ग्या रुचिराविन्दकरया देव्या सदा संयुतः शोणाङ्कुश शुभमातनोतु भजतामुद्दण्डविघ्नेश्वरः ॥