शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ भारत्यीप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसरस्वती-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सरस्वती (भारती) के प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उच्च शिक्षा, अनुसंधान (Research) और साहित्य में सफलता
विस्तृत लाभ
उच्च शिक्षा, अनुसंधान (Research) और साहित्य में सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ कामपीठविलासिन्यै नमः
ॐ कृष्णप्रियायै नमः
ॐ पञ्चहस्ताय नमः
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्॥