शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ चोरघ्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चोरों (तथा मन के काम-क्रोधादि विकारों) का नाश करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संपत्ति की रक्षा व दुर्गुणों का नाश
विस्तृत लाभ
संपत्ति की रक्षा व दुर्गुणों का नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विभवे नमः
ॐ ब्राह्म्यै नमः
ॐ नमस्ते रुद्र मन्यव उतोत इषवे नमः। नमस्ते अस्तु धन्वने बाहुभ्यामुत ते नमः॥
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ त्रैलोक्यवन्ध्याय नमः।
ॐ विष्णवे नमः