शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ भूतात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी जीवों के भीतर बैठी हुई आत्मा
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्राणी मात्र से अहैतुकी प्रेम की भावना
विस्तृत लाभ
प्राणी मात्र से अहैतुकी प्रेम की भावना 22
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ॐ ह्रीं श्रीं त्र्यक्षरो मन्त्रो नैर्ऋत्यां मे सदाऽवतु। (अर्थ: त्र्यक्षरी मन्त्र नैऋत्य कोण में रक्षा करे) 8
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
वेदान्तार्थस्वरूपाय वेदान्तार्थविधायिने । वेदान्तार्थविदे नित्यं विदिताय नमो नमः ॥