भूतगणाधिसेवित मंत्र
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनका मुख हाथी के समान है, जो भूतगणों द्वारा सेवित हैं, जो कैथा और जामुन चाव से खाते हैं, जो उमा के पुत्र हैं और शोक का नाश करने वाले हैं, उन विघ्नेश्वर को मैं नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक शोक, अवसाद और असाध्य दुखों का शमन
विस्तृत लाभ
मानसिक शोक, अवसाद और असाध्य दुखों का शमन।
जप काल
घोर संकट या दुःख के समय करबद्ध होकर।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विज्ञानात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
रहस्यमपि हि ब्रूयुर्लोकैकहितदृष्टयः। शिव उवाच- धर्मार्थकाममोक्षाणामनायासं सुसिद्धिदम्॥
ॐ स्वयम्भुवे नमः
क्रीं क्रीं ह्रीं चण्ड भैरवाय नमः।
ॐ कलिगत्यै नमः