शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ नारायणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनारायण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जीव के अंतिम और शाश्वत आश्रय को नमन।
जप काल
प्राण त्यागते (Death) समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सूर्यः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ वेदवेद्याय नमः
उपस्पृश्य महेन्द्राद्रौ रामं दृष्ट्वाभिवाद्य च।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥
ॐ कल्याण्यै नमः