शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ इन्द्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपस्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी इन्द्रियों और लोकों के परम स्वामी हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
इन्द्रिय निग्रह
विस्तृत लाभ
इन्द्रिय निग्रह
जप काल
नित्य
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं वद वद वाग्वादिनी मम जिह्वाग्रे सरस्वती स्वाहा।
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा।
ॐ महते नमः
ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः।
रामाय धनुष्पाणये स्वाहा
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥