परशुराम मंत्र
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
भगवान विष्णु मंगलमय हैं, गरुड़ को ध्वजा पर धारण करने वाले मंगलमय हैं, पुंडरीकाक्ष मंगलमय हैं; भगवान हरि सर्वत्र मंगल करने वाले हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
किसी भी नए कार्य के आरंभ में शुभता की प्राप्ति और विघ्नों का समूल नाश
विस्तृत लाभ
किसी भी नए कार्य के आरंभ में शुभता की प्राप्ति और विघ्नों का समूल नाश 54।
जप काल
विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी मांगलिक कार्य से पहले।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥
ॐ क्षीरसागरवासिन्यै नमः
ॐ निटिलाक्षाय नमः
ॐ कामनाथाय नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ हिरण्यरेतसे नमः