ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

परशुराम मंत्र

ॐ पञ्चाननाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपपञ्चमुख नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जिनके पांच मुख हैं (दसों दिशाओं के रक्षक), उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

दसों दिशाओं और पांचों तत्त्वों से पूर्ण रक्षण

02

तंत्र विद्या में विशेष सिद्धि

विस्तृत लाभ

दसों दिशाओं और पांचों तत्त्वों से पूर्ण रक्षण; तंत्र विद्या में विशेष सिद्धि।

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