शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ परब्रह्मणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं परम सत्य (परब्रह्म) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्मज्ञान की प्राप्ति और 'अहम् ब्रह्मास्मि' की अनुभूति
विस्तृत लाभ
आत्मज्ञान की प्राप्ति और 'अहम् ब्रह्मास्मि' की अनुभूति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ महाकन्यायै नमः
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ अव्यग्राय नमः
ॐ दशबाहवे नमः
ॐ कामजनकाय नमः