शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ परमेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश के भी परम नियंता (परमेश्वर) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपने इन्द्रियों, मन और परिस्थितियों पर श्रेष्ठ नियंत्रण (Mastery) स्थापित करना
विस्तृत लाभ
अपने इन्द्रियों, मन और परिस्थितियों पर श्रेष्ठ नियंत्रण (Mastery) स्थापित करना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे नमः
ॐ गोवर्धनधनप्रियायै नमः
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं काल भैरवाय नमः।
ॐ भक्तनिधये नमः