शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ परन्तपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपतप स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो तपस्या की पराकाष्ठा और ब्रह्मांडीय तेज के स्रोत हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्रत, उपवास और कठोर साधना के दौरान संकल्प में अटूट दृढ़ता
विस्तृत लाभ
व्रत, उपवास और कठोर साधना के दौरान संकल्प में अटूट दृढ़ता।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
ॐ महासारस्वतावृताय नमः
बुद्धिविच्छिन्नचैतन्यमेकं पूर्णमथापरम्। आभासत्वपरं बिम्बभूतमेवं त्रिधा चितिः॥
ॐ श्री वज्रदेहाय रामभक्ताय वायुपुत्राय नमोऽस्तुते॥
ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः।