परशुराम मंत्र
ॐ फाल्गुनसखाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो अर्जुन (फाल्गुन) के सखा हैं और महाभारत में ध्वजा पर विराजमान थे 18।
इस मंत्र से क्या होगा?
शयन के समय, प्रातः जागने पर और विशेषकर यात्रा के दौरान इनका जप करने से व्यक्ति अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त होता है, राजद्वारे (कोर्ट-कचहरी) में विजयी होता है और उसे समस्त संपत्तियों की प्राप्ति होती है
विस्तृत लाभ
शयन के समय, प्रातः जागने पर और विशेषकर यात्रा के दौरान इनका जप करने से व्यक्ति अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त होता है, राजद्वारे (कोर्ट-कचहरी) में विजयी होता है और उसे समस्त संपत्तियों की प्राप्ति होती है 35।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोपालाय नमः
ॐ स्मृतसर्वाघनाशनाय नमः
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं त्रिकालाग्नि भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
ॐ कृपालवे नमः
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।