शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ प्रतापवते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रतापी शासक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम प्रतापी और तेजस्वी भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में वर्चस्व हेतु
विस्तृत लाभ
समाज में वर्चस्व हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अशेषहावभावधीरहीरहारभूषिते प्रभूतशातकुम्भकुम्भकुम्भकुम्भसुस्तनि। प्रशस्तमन्दहास्यचूर्णपूर्णसौख्यसागरे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ सहस्रहस्तायै नमः
ॐ शिवकर्यै नमः
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
ॐ महागणेशाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ पञ्चकूटायै नमः