शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ सुरेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदेव-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मा-इंद्रादि समस्त देवताओं के स्वामी हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी देव-शक्तियों की अनुकूलता और कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
सभी देव-शक्तियों की अनुकूलता और कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति।
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ॐ शिखवाहिन्यै नमः
ॐ सर्वराजगृहेस्थितायै नमः
ॐ आपदुद्धारिण्यै नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ कुमार कुशलो दयायै नमः
ॐ कर्पूरसागरालयायै नमः