शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ वासवेशाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपइंद्र-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
इंद्र (वासव) के भी ईश (स्वामी) को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ऐश्वर्य और राज-सत्ता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ऐश्वर्य और राज-सत्ता की प्राप्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कपिलायै नमः
ॐ आपदुद्धारणभैरवाय नमः।
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।
ॐ वक्त्रं पात्विन्दुवदनं सदा प्रह्लादवन्दितः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
झ्म्र्यूं (Jhmryūm)