शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ यशोदानन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपयशोदा-नन्दन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता यशोदा को नन्द (हर्ष) देने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
माता के स्वास्थ्य हेतु
विस्तृत लाभ
माता के स्वास्थ्य हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ आश्रिताखिलदात्रे नमः
राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥
ॐ श्रीमते नमः
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
ॐ प्रसन्नपद्मवदनायै नमः
नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये॥