शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ यशोदानन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपयशोदा-नन्दन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता यशोदा को नन्द (हर्ष) देने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
माता के स्वास्थ्य हेतु
विस्तृत लाभ
माता के स्वास्थ्य हेतु
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विकृत्यै नमः
ॐ वाग्भवाख्याय नमः।
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ शब्दब्रह्ममयाय नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
ॐ निरञ्जनायै नमः