शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ अच्युतायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने दिव्य स्वरूप से कभी च्युत (गिरती) नहीं होतीं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दृढ़ता और स्थिरता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दृढ़ता और स्थिरता की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्यामलाय नमः
ॐ सौं शरवणभवाय स्वाहा
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं चामुण्डायै नमः
ॐ मृत्युघ्न्यै नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...