शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ अमलायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो हर प्रकार के मल या दोष से रहित हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चित्त और विचारों की पूर्ण शुद्धि
विस्तृत लाभ
चित्त और विचारों की पूर्ण शुद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः
वसुन्धरे श्री वसुधे वसुदोग्ध्रे कृपामयि! त्वत्कुक्षिगतं सर्वस्वं शीघ्रं मे त्वं प्रदर्शय॥
न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥
ॐ रसाधराय नमः
स्वदन्त पाशाङ्कुश रत्नपात्रं करैर्दधानो हरिनीलगात्रः । रक्तांशुको रत्नकिरीटमाली भूत्यै सदा मे द्विमुखो गणेशः ॥
ॐ कुमारीरूपधारिण्यै नमः