द्वादशाक्षर युगल मंत्र
क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
क्लीं (काम/कृष्ण बीज) स्वरूप कृष्ण और राधिका को परम कल्याण हेतु मेरा नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
राधा-कृष्ण के प्रेमामृत की अनुभूति, वियोग के दुखों का नाश और परम कल्याण (श्रेय) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
राधा-कृष्ण के प्रेमामृत की अनुभूति, वियोग के दुखों का नाश और परम कल्याण (श्रेय) की प्राप्ति 24।
जप काल
युगल-ध्यान के समय मानसिक रूप से।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सुखिने नमः
सूक्ष्मातिसूक्ष्मं कलिलस्य मध्ये विश्वस्य स्रष्टारमनेकरूपम्
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ स्मितभाषिणे नमः
अहं सुवे पितरमस्य मूर्धन् मम योनिरप्स्वन्तः समुद्रे। ततो वि तिष्ठे भुवनानु विश्वोतामूं द्यां वर्ष्मणोप स्पृशामि॥