शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ भास्कर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सूर्य (भास्कर) के समान तेजस्विनी को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा॥
ॐ महादेवसंस्तुत्यायै नमः
ॐ चण्डकोपिने नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ वत्सलाय नमः
ॐ कालकर्षिण्यै नमः